जूझती हैं कोहरे से
नित सूर्यकुमारियाँ
श्रमिक की तरह
रोटी के लिए
पृथ्वी का भार
कांधे पर लादे
बोझ से दबा एटलस
चलता है अनवरत
भूख मिटाने के लिए
कल पर्चे बंटे
बाजार मे
भूख मिटाने वाला
साल्युशन बनकर
तैयार
अब बोझा उतार दो
एटलस
नित सूर्यकुमारियाँ
श्रमिक की तरह
रोटी के लिए
पृथ्वी का भार
कांधे पर लादे
बोझ से दबा एटलस
चलता है अनवरत
भूख मिटाने के लिए
कल पर्चे बंटे
बाजार मे
भूख मिटाने वाला
साल्युशन बनकर
तैयार
अब बोझा उतार दो
एटलस