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मंगलवार, 23 मार्च 2010

,पानी बेकार ना बहाएं, इसे बचाएं.

पानी का जितना उपयोग हम करते हैं उससे कहीं ज्यादा बरबाद हो जाता है। अवश्य ही  अगला विश्व युद्ध पानी के लिए ही होगा, अगर यही स्थिति बनी रही तो, इसलिए सभी का कर्तव्य बनता हैं की पानी का सही इस्तेमाल किया जाए।

पानी के अनावश्यक खर्च से बचना चाहिए। सबसे ज्यादा पानी का अपव्यय बड़े घरों मे होता हैं, नल खुले रहते हैं। बाथटब, फ़व्वारे एवं कमोड के इस्तेमाल मे ज्यादा पानी लगता हैं। गरीबों को तो नल पर लाईन लगा कर खड़ा रहना पड़ता है। इसलिए उन्हे पता है पानी की एक एक बुंद का महत्व। 

बाजार वाद ने यह पाप भी करा डाला, पानी पिलाना जहाँ बहुत बड़ा पुण्य का कार्य समझा जाता था वहां हमने कभी सोचा भी नही था कि पानी भी खरीदना पड़ेगा मिनरल वाटर के नाम से। वह भी 12-15 रुपए लीटर में।

धनी मानी लोग प्याऊ बनाते थे, पानी की स्थाई व्यवस्था राहगीरों के लिए की जाती थी आज उन्हे पानी खरीदना पड़ रहा है।

कहते हैं कि अभी तक पानी के नाम पर 50 वर्षों मे 37 भी्षण हत्याकांड हो चुके हैं। हमारे ही मोहल्ले की एक बस्ती मे बहुत ही शर्मनाक स्थिति पैदा हो गयी थी जिसका वर्णन भी मै नही कर सकता।

पानी के लिए यही कमोबेश स्थिति गर्मी के दिनों मे सभी जगह बन जाती है।

भारतीय नारी पीने के पानी के लिए रोजाना औसतन 4 मील पैदल चलती है। पानी जन्य रोगों से प्रतिवर्ष पुरे विश्व मे 22 लाख मौतें हो जाती है।

विश्व में 10 व्यक्तियों में से 2 को पीने का साफ़ पानी नही मिल पाता। प्रति वर्ष 6 अरब लीटर बोतल पैक पानी मनु्ष्य द्वारा पीने के लिए प्रयुक्त किया जाता है।

नदियाँ पानी का सबसे बड़ा स्रोत है वह भी कल कारखानों के कारण प्रदुषण का शिकार हो रहा है। ऐसे मे गंभीर संकट आने वाला है यह समझना चाहिए। अब अधिक लोग दुषित पानी के कारण महामारी के शिकार होंगे। 

पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल का 97% महासागरों में, 2% हिमखंडों के रुप मे ध्रुवीय चोटियों पर, शेष 1% नदियों, झीलों, तालाबों मे तथा पृथ्वी की सतह के नीचे पाया जाता है। इस भुमिगत जल का उपयोग हम कुंए खोद कर करते हैं।

महासागरों के जल मे कई लवण घुले होते हैं, इसलिए वह खारा पानी पीने-नहाने, कपड़े धोने एवं सिंचाई के लिए उपयोगी नही होता है। हिमखंडो के रुप मे उपस्थित जल शुद्ध होता है, किंतु इसका आसानी से उपयोग नही कि्या जा सकता।

पृथ्वी पर उपलब्ध जल मे से मनुष्यों के लिए उपयोग मे आने वाले जल की मात्रा बहुत ही कम हैं। यह लगभग 10 लीटर जल में 1 मिली लीटर (कुल जल का 0.01%) के बराबर है। अब आप अनुमान लगा सकते हैं कि हमारे उपयोंग के iलिए कितना कम जल उपलब्ध है तथा यह इतना महत्वपुर्ण क्यों हैं?

--------बिनु पानी सब सून--------