लाया हूँ मैं
सहज ही तुम्हारे लिए
टेसू के फ़ूल
जो अभिव्यक्ति है
मेरी प्रीत की
गुलाब तो
अभिजात्य वर्ग के
नकली प्रेम की
निशानी है
गुलाबी प्रेम में
झलकती है
बेवफ़ाई/कटुताई
टेसू के फ़ूल
निर्मल निर्दोष
सहज और सरल हैं
अभिव्यक्त करते हैं
निश्चछल प्रीत को
उनमें भरी ज्वाला
भस्म कर देती है
अंतस के कलुष को
भर जाता है प्रकाश
अंतरमन में
होती है प्रीत मुखरित
जनम जनम की
सहज ही तुम्हारे लिए
टेसू के फ़ूल
जो अभिव्यक्ति है
मेरी प्रीत की
गुलाब तो
अभिजात्य वर्ग के
नकली प्रेम की
निशानी है
गुलाबी प्रेम में
झलकती है
बेवफ़ाई/कटुताई
टेसू के फ़ूल
निर्मल निर्दोष
सहज और सरल हैं
अभिव्यक्त करते हैं
निश्चछल प्रीत को
उनमें भरी ज्वाला
भस्म कर देती है
अंतस के कलुष को
भर जाता है प्रकाश
अंतरमन में
होती है प्रीत मुखरित
जनम जनम की