शुक्रवार, 29 अप्रैल 2011

फ़िर वही दिल लाया हूँ --- ललित शर्मा

सुबह हो चुकी है,दिल्ली जाने वाली सवारियाँ चल पड़ी है। मित्रों से मिलने की खूशी में रात नींद कम ही आई। मिलते हैं कल सुबह दिल्ली में। जहाँ सजेगी महफ़िल दीवानों की, दिलवालों की। हम भी दिल ही लाए हैं आपके लिए। नकली नहीं, असली धड़कता हुआ दिल। जरा कान लगाएगें तो स्पंदन सुनाई देगा। इसका दुर्लभ  चित्र हमने ही कल सुबह लिया है।

अब चलते हैं और मिलते हैं ब्रेक के बाद सुबह निजामुद्दीन के नुक्कड़ पर, जहाँ होंगे अविनाश वाचस्पति जी, पवन-चंदन जी, अजय झा जी, राजीव तनेजा जी, पद्म प्रतापसिंह, खुशदीप सहगल और भी जाने माने ब्लॉगर मित्र।

27 टिप्‍पणियां:

  1. (दिल्‍ली का)दिल धड़क-धड़क के कह रहा है आ भी जा ...

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुस्वागतम ....
    हम भी अपना दिल दिखायें क्या?

    उत्तर देंहटाएं
  3. कान लगाया..धड़धड़ सुनाई दी...हो आओ मित्र..अनेक शुभकामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  4. गाड़ी बुला रही है ,सम्मान इंतजार कर रहा है

    उत्तर देंहटाएं
  5. एक्स्पोर्ट कर दीजिये, अफरीदी को... बहुत आवश्यकता है आफरीदी को...

    उत्तर देंहटाएं
  6. kyaa bat hai hr bar nya andaz nyi baat .. akhtar khan akela kota rajsthan

    उत्तर देंहटाएं
  7. मुदित हुआ मन आँगन मधुमित पवन हुई है
    सुनने को पदचाप ह्रदय गति थमी थमी है
    स्वागत स्वागत करते हैं हम सब दिल खोल आपका
    राहों राहों अपलक आँखें टिकी हुई हैं

    उत्तर देंहटाएं
  8. दिल से स्वागत है सभी मित्रों का.... दिलवालों की दिल्ली में..

    उत्तर देंहटाएं
  9. गाना पूरा गा कर दिखाना होगा ललित भाई...
    बंदापरवर, थाम लो जिगर, फिर वही दिल लाया हूं...

    जय हिंद...

    उत्तर देंहटाएं
  10. आलूमय दिल? वाह क्‍या कहने?

    उत्तर देंहटाएं
  11. आइये भाई जी हम भी हिमाचल से ढेर सारा प्यार लाये हैं आप सबके लिए ...!

    उत्तर देंहटाएं
  12. स्वागत है श्रीमान......
    तहे दिल से

    उत्तर देंहटाएं
  13. शादी की वर्ष गांठ पर अच्छा तोहफ़ा मिला आपको जुड़ा हुआ आलूदिल

    उत्तर देंहटाएं
  14. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (30.04.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
    चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

    उत्तर देंहटाएं
  15. कौनज्वाइंट आलू !
    स्वागत टीम पहुँच गई है स्टेशन पर ।

    उत्तर देंहटाएं
  16. हम ने कान लगाया तो उस मे आवाज आ रही थी... लालू या कालू या आलू जैसा कुछ बोल रहा था, अब यह आप को मालूम होगा कि यह क्या चीज हे?

    उत्तर देंहटाएं
  17. अजी सुनो सुनो इस बार आप की मुलाकात *उन* से होगी? फ़ोटू वोटू हमे भी भेजना उन के संग वाले:)

    उत्तर देंहटाएं
  18. आलू व दिल का रिश्ता अधिक मधुर नहीं है।

    उत्तर देंहटाएं
  19. दिल की धड़कन बाम्बे में भी सुनाई दे रही हाए जी

    उत्तर देंहटाएं
  20. मुबारक हो। दिलालू की 'ओले-ओले' कह रही है, परचम फहरा के आना।

    उत्तर देंहटाएं
  21. क्या कहने इस दिल के ....बहुत खूब...

    उत्तर देंहटाएं