शुक्रवार, 30 अप्रैल 2010

स्पैम मेल की रिपोर्ट करने से दोषी को होगी सजा

स्पैम मेल एक परेशानी का सबब है, लगभग सभी ई मेल धारक इससे परेशान हैं, भारत सरकार के संचार और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री सचिन पायलट ने बताया है कि सरकार को इन्टरने्ट पर मिलने वाले स्पैम-अवांछित मेल की समस्या की जानकारी है,

यदि इसकी शिकायत की जाती है तो दोषी के खिलाफ़ कारवाई और सजा का प्रावधान है। 

राज्य सभा में इस आशय के प्रश्न का लिखित उत्तर देते हुए कहा है कि सूचना एवं प्रौद्यौगिकी अधिनियम 2000 में संशोधन कर धारा 66 क में संचार सेवाओं से स्पैम अथवा अवांछित ई मेल भेजने के लिए दंड का प्रावधान किया गया है।

यह अधिनियम पुरे भारत में लागु है और इस धारा से संबंधित मामले देश भर के पुलिस थानों में दर्ज कराए जा सकते हैं।

उत्तर में बताया गया है कि ईंटरनेट सुरक्षा के बारे में विश्वभर में लगभग 88% ईमेल ट्रैफ़िक स्पैम है।

भारत से जाने वाली वाली स्पैम ट्रैफ़िक पूरे विश्व से तैयार होने वाले कुल स्पैम ई मेल का 4% है।

व्यर्थ की ई मेल तो हमारे पास भी आती हैं, लेकिन बिना खोले ही स्पैम रिपोर्ट कर दी जाती हैं। सोशियल नेटवर्किंग साईट में सम्मिलित होने की ई मेल से अधिक परेशानी है जिसे मित्र लोग अनायास ही भेज दे्ते हैं।

एक महानु्भाव ने तो कम से कम 100 ई मेल नेटवर्किंग वेब साईट ज्वाईन करने के लिए भेजी। अंत में मुझे उनसे करबद्ध निवेदन करना पड़ा कि आप मुझे मेल ना करें।

एक महोदय चैट पर आ गए और प्रतिदिन सुबह शाम मुझसे अपनी वेब साईट ज्वाईन करने के लिए परेशान करते रहे तंग आकर मुझे उनकी चैट ही प्रतिबंधित करनी पड़ी।
 

गुरुवार, 29 अप्रैल 2010

नापसंदी लालों के कारनामे

नापसंदी लालों के कारनामे ब्लागवाणी पर चल रहे हैं, कायरों की तरह नापसंद के चटके लगा रहे हैं। पीठ पीछे छुप कर वार करते हैं जयचंद की औलाद।  

पिछले कई महीनों से तमाशा जारी है, हमारा नापसंदी लालों को खुला आमंत्रण है कि आज इस पोस्ट पर खुल के जी भर नापसंद करो।

क्योंकि ऐसा ही कु्छ लिख रहा हुँ, जिसे तुम नापसंद करो। मै देखना चाहता हुँ कि तुम कहाँ तक गिर सकते हो?

अभी मेरी एक भाई से बात हो रही थी तो उन्होने कहा कि " आपका जब विरोध होना शुरु हो जाए तो समझ लो कि आप प्रसिद्ध हो रहे हैं और जलन, इर्ष्या,डाह इत्यादि भाव विरोधियों के मन में पनप रहे हैं।

क्योंकि वे आपकी लोकप्रियता से कुंठित हो रहे हैं और विरोध में आकर अपनी कुंठा निकाल रहे हैं।"

तो हे कुंठित-लुंठित मित्रों मेरा तुम्हे खुला निमंत्रण है आओ और अपनी कुंठा आज इस पोस्ट पर पुर्णरुपेण प्रकट करों।

कल के ब्लागवाणी के टॉप पोस्ट का स्क्रीन शॉट भी संलग्न है जो तुम्हारे पुरुषार्थ का गुणगान कर रहा है। स्वागत है तुम्हारा.......रहीम कवि कहते हैं

आप न काहु काम के डार पात फ़ल फ़ूल।
औरन को रोकत फ़िरे रहिमन पेड़ बबूल॥


नापसंद से नवाजी गयी पोस्टें