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बुधवार, 16 फ़रवरी 2011

बसंत पंचमी के अवसर पर काव्य गोष्ठी

संतोषी नगर में बसंत पंचमी के अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। सरस्वती पूजन के पश्चात कार्यक्रम संचालन का भार श्री शिवराम शर्मा को सौंपा गया और कवि गोष्ठी प्रारंभ हो गयी।

इस कवि गोष्ठी में दुर्भाग्य से मैंने ही 40 बसंत देखे थे बाकी सभी 60 से अधिक बसंत देख चुके थे। कहने का मतलब यह है कि काव्य रचना के मामले में मेरा अनुभव कम था।

सभी उपस्थित कवियों ने अपनी-अपनी रचना का पाठ किया। जो धूरंधर थे उन्होने चौके छक्के लगाए एवं श्रोताओं के छक्के छुड़ाए एवं हमारे जैसे रंगरुटों ने एक्का दुआ से ही काम चलाया। लेकिन आऊट नहीं हुए क्रीज पर ड्टे ही रहे।

संतोषी नगर की काव्य गोष्ठी में मुझे पहली बार शामिल होने का अवसर मिला। सभी के पास अपनी-अपनी डायरी थी।

मेरे पास डायरी न होने के कारण मुझे लैपटॉप से काम चलाना पड़ा। बसंत का मौसम हो और गीत कविताओं में मौसम का असर न दिखे, यह नहीं हो सकता।

कुछ सुंदर गीत श्री शीतलाबख्श सिंह द्वारा प्रस्तुत किए गए। शिवराम शर्मा , सत्यप्रकाश चौबे , रिछारिया, राममूरत शुक्ला, कैलाश तिवारी, नंदलाल यादव जी ने काव्य के माध्यम से साक्षात ॠतुराज को ही धरती पर उतार दिया। गोष्ठी श्री शीतलाबख्श सिंह के प्रांगण में हुई।

इस अवसर पर सुधि श्रोताओं के साथ गणमान्य अश्विनी कुमार तिवारी, दशरथ शूक्ला, श्रीकांत दुबे, नरेश मिश्रा, अरविंद सिंह, एस बी सिंह, डॉ नरेन्द्र बहादुर सिंह उपस्थित थे।

नंदलाल यादव ने छत्तीसगढी में सुंदर गीत सुनाया। हमने भी एक गीत और दो कविताएं सुनाई। इस आयोजन का बैम बजर पे लाइव टेलीकास्ट किया गया था।

जिससे कई प्रदेशों में इस काव्य गोष्ठी के लाईव प्रसारण का आनंद लिया गया। साऊंड सेटिंग नहीं होने के कारण आवाज में कट रही थी। गोष्ठी के आयोजक साधूवाद के पात्र हैं। कवि गोष्टी के कुछ गीतों की रिकार्डिंग इसमें लगा रहा हूँ। आप उसे सुन सकते हैं।