11 मई को मदकू द्वीप की यात्रा की थी और इस पर मदकू द्वीप! प्राचीन एतिहासिक स्थल --भाग -1 तथा मदकू द्वीप की यात्रा और ऐतिहासिक तथ्यों से परिचय एवं चित्रों में मदकू द्वीप की सैर नामक तीन पोस्ट भी लगाई थी। ठीक एक महीने बाद 10 जून को मेरा पुन: मदकू द्वीप जाना हुआ। वहाँ पुरातत्वविद् अरुणकुमार शर्मा जी एवं उत्खनन निर्देशक प्रभात सिंह से मुलाकात हुई। संरक्षण एवं पुनर्संरचना का कार्य पूर्णता पर है। पिछली भेंट में शर्मा जी ने बताया थाकि उत्खनन स्थल की बारिश एवं धूप से सूरक्षा के लिए डोम बनाने का कार्य प्रारंभ होने वाला है। अब उन्होने कहा कि डोम बनाने का कार्य लालफ़ीताशाही की भेंट चढ गया। बरसात आने वाली है और कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। उत्खनन स्थल पर पानी भी भर सकता है, जिससे पुरातात्विक सामग्री को नुकसान हो सकता है।
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गुरुवार, 23 जून 2011
संरक्षण कार्य पूर्ण - मदकू द्वीप से लौटकर - ललित शर्मा
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परिचय क्या दूँ मैं तो अपना,
नेह भरी जल की बदरी हूँ।
किसी पथिक की प्यास बुझाने,
कुँए पर बंधी हुई गगरी हूँ।
मीत बनाने जग मे आया,
मानवता का सजग प्रहरी हूँ।
हर द्वार खुला जिसके घर का,
सबका स्वागत करती नगरी हूँ।
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