कहानी तीन दोस्तों की है, जिसमें दो #BE और एक #MBA। इन्होंने लीक से हटकर नौकरी करने की परम्पराओं के तोड़ते हुए व्यवसाय प्रारंभ किया। अधिक दिन तो नहीं हुए हैं पर इन दो महीनों में अपने हुनर से कुछ करने की चाह लिए लगन से आगे बढ़ रहे हैं और उम्मीद ही नहीं आशा भी है कि आगे चलकर कामयाब भी होगें।
हाँ जी! मैं रितेश पटेल, श्रीकांत नायक एवं ट्विंकल नामक नौजवानों की बात कर रहा हूँ। तीनो दोस्तों ने पढाई करने के बाद नौकरी तलाशने की बजाए रेस्टोरेंट/ होटल व्यवसाय में कदम रखा है। इन्होंने रायपुर के विवेकानंद आश्रम के सामने जी ई रोड़ पर दुकान किराए से ली और उसमें बढिया थीम बेस्ड इंटीरियर करवा कर #एफ़_एम_36 #FM_36 रेस्टोरेंट प्रांरभ किया। दुकान में जगह न होने के कारण इन्होंने इसका किचन वैन में सामने ही रखा है।
एक शाम उदय भैया के आग्रह पर यहाँ तक जाना हुआ और हमने इनके रेस्टोरेंट में इंडियन, कान्टिनेंटल एवं चायनीज फ़ूड का आनंद लिया। आप यहाँ गिटार बजा कर अपना शौक पूरा कर सकते हैं, साथ ही इनके सेल्फ़ में कुछ पुस्तकें भी दिखाई दी। अपना भोजन आते तक आप पुस्तकों का भी आनंद ले सकते हैं।
रेस्टोरेंट की खास बात है कि इन्होंने वेटर नहीं रखे तथा ग्राहक से ऑडर लेकर खुद ही टेबल तक पहुंचाते हैं और उनसे आत्मीय वार्तालाप कर फ़ीड बैक भी लेते हैं। जिससे ग्राहक के अनुकूल सेवाएँ देकर उसमें सुधार कर सकें और ग्राहक से सम्पर्क भी स्थापित हो।
इन तीनों द्वारा किया गया यह कार्य उन लोगों के लिए एक मार्ग दर्शन है जो पढ लिख कर रोजगार कार्यालय में नाम लिखाकर इंटरव्यू की प्रतीक्षा करते हुए सरकार को कोसते रहते हैं। इन्होंने जो कदम उठाया है यह अन्य शिक्षित लोगों के लिए प्रेरणा बनेगा।
मैने इन्हें अपने होटल में एक घुमक्कड़ी की दीवार बनाने की सलाह दी, आशा है कि जब मैं जाऊंगा तो वह तैयार मिलेगी। अगर कभी आप रायपुर आएं तो इन तीनों से अवश्य मिलिए, आपको यहाँ का भोजन, स्नैक्स पसंद आएगा और इनसे मिलकर भी अच्छा लगेगा और इनका उत्साहवर्धन भी होगा। इनकी वेबसाईट http://foodmaster.in/ है।

















































