गुरुवार, 14 जुलाई 2011

ट्रिनSSS ट्रिनSSS ट्रिनSSS - ललित शर्मा

ट्रिनSSS ट्रिनSSS ट्रिनSSS ट्रिनSSS ट्रिनSSS ट्रिनSSS

नम्बर देखा तो दिल्ली का था, 011-XXXXXXXX, सोचा किसी मित्र का होगा, उठा लिया जाए।

हेलोSSSSSSS

"हेलो! सर गुड मार्निंग, मैं XXXXX एयर फ़ेल कम्पनी से बोल रहा हूँ"

"बोलिए"

"सर, हमारी ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज ने एक स्वास्थ्य बीमा योजना शुरु की है। उसके विषय में आपको जानकारी देनी है, आप कुछ समय देगें?"

"किसकी कम्पनी है?"

"सर, फ़ुनिल सित्तल जी हमारी कम्पनी के मालिक हैं, उनके बहुत सारे व्यवसाय हैं।"

"अच्छा! वही मोबाईल कम्पनी वाला।"

"जी सर! आपने सही पहचाना।"

"बहुत अच्छा किया तुमने फ़ोन लगा लिया, मैं एयर फ़ेल के फ़ोन का इंतजार कर रहा था। बताओ तुम्हारी बीमा योजना क्या है?"

"सर! हमारी कम्पनी मेडिक्लेम करती है, बहुत ही कम प्रीमियम में। एक बार करवा कर देखिए, मेडिक्लेम नहीं तो एक मनी बैक पालिसी ले लीजिए,हमारे बीमा योजना के सामने सभी कम्पनियों की बीमा योजना फ़ेल हैं।"

अच्छा! वैसे भी तुम्हारी कम्पनी के नाम के साथ "फ़ेल" जुड़ा है, पैसा जमा करने के बाद वापसी की क्या गारटी है?"

"सर! आपको हम बाँड देंगे, जब वह मैच्योर हो जाएगा तो आपको रुपया मिल जाएगा।"

"ये बाँड क्या होता है?"

"सर! कागज पर बना सर्टिफ़िकेट होता है, जिसमें हम रुपए वापसी एवं रिस्क कव्हर की गारंटी देते हैं।"

"अगर रुपए लेकर तुम्हारी कम्पनी भाग गयी तो मैं कागज को क्या चाटुंगा।"

"नहीं सर! ऐसा कैसे हो सकता है? नामी कम्पनी है।"

"ये नामी कम्पनियां जब घाटे में रहती हैं तो बैलेंस सीट फ़ायदे वाली बनाती हैं, और जब फ़ायदे में होती तो बैलेंस शीट घाटे वाली बनती है, ताकि माल अंदर किया, दीवाला निकाला, और छुट्टी पाई। चलो तुम मुझे दो पैसा, तुम्हे भी मैं ऐसा ही सर्टिफ़िकेट देता हूँ, जीवन भर की गारंटी। न फ़टेगा, न गलेगा, न चलेगा।"

"सर! हमारी कम्पनी को रिजर्वबैंक की मान्यता है। उनके रजिस्ट्रेशन से ही कम्पनी चला रहे हैं।"

"हमारे को भी रिजर्व बैंक की मान्यता है, जो नोट मेरे पास हैं उस पर रिजर्व बैंक के गर्वनर से साईन हैं, नोट उनके साईन से ही चलता है। क्या तुमने फ़ु्द्दु समझ रखा है।"

"सर! ऐसा नही है, यह फ़ुनिल सित्तल की कम्पनी है, कारपोरेट जगत में उनका नाम चलता है।"

"अच्छा! क्या गारंटी है इसकी, मै तो कभी मिला ही नहीं, उसने बिना मिले ही धोखा-धड़ी कर दी, और अब तुम्हे पीछे लगा दिया।"

"क्या हुआ सर?

"अरे! मैने रात को 100 रुपए का रिचार्ज करवाया था। सुबह उठ कर देखा तो 75 रुपए गायब। कम्पनी में फ़ोन लगाया तो उन्होने कहा कि आपने रेड़ियो एक्टिवेट करवाया है, जिसके 75 रुपए जमा कर लिए गए हैं। अरे मुझे क्या पागल कुत्ते ने काटा है कि मोबाईल पर रुपए खर्च करके तुम्हारा गर्दभ गान सुनुंगा। जबकि मेरे पास मोबाईल में एफ़ एम रेड़ियो है, मेरे पैसे वापस करो।"

"वह बोला- सर आपके मोबाईल नम्बर से रिक्स्वेस्ट आई है, पैसा वापस नहीं हो सकता।"

"तेरी तो ऐसी की तैसी, मेरा पैसा तु क्या तेरा बाप भी नहीं खा सकता।"

सर मैं तो बीमा कम्पनी की तरफ़ से बोल रहा हूँ।"

"ऐसी की तैसी तेरी बीमा कम्पनी की, जब तुम्हारी एयर फ़ेल कम्पनी दो चार रुपए की चोरी नीयत रखती है तो हजारों रुपयों का क्या भरोसा। गरीबों के एक-एक रुपए मार कर अपनी जेब भरने वालों का क्या विश्वास करु, कहीं रुपए लेकर भाग गया तो? हमारी लुटिया डूबा दोगे।"

"सर सुनिए न............?

"क्या सुनना है? तुम्हारी कम्पनी के खिलाफ़ एफ़ आई आर करवाऊंगा, इसने मेरी जेब पर डाका डाला है। आई पी सी की धारा 395 और 420 लगवाऊंगा। जेल भिजवाऊंगा। मोबाईल से बैलेंस काटना क्या डकैती नहीं है? अगर किसी की जेब से दो रुपए निकाल लो तो अपराध बनता है कि नहीं? तुम्हारा फ़ुनिल सित्तल सबसे बड़ा चोर है। गरीब आदमी 10 रुपए का रिचार्च कराता है और उसका उलजलूल बैलेंस काट लेते हो। उसे पता ही नहीं चलता कि किस बात पर बैलेंस खाली हो गया। वह रिचार्ज करने वालों की खोपड़ी खाता है कि बैलेंस कैसे कट गया मैने तो बात ही नहीं की। बैलेंस काटने के बाद किसी का रुपया भी वापस नहीं होता। सर्विस सेंटर में फ़ोन लगाओ तो उसके लिए 50 पैसा मिनट काटा जाता है। मतलब चारों तरफ़ से लूट लो इंडिया को।"

"सर सर! मैं बीमा कम्पनी से हूँ सर।"

"क्या सर सर लगा रखी है, तुम्हारी कम्पनी की बात कर रहा हूँ, मेरा नम्बर किसने दिया? मतलब तुम्हारी कम्पनी अपने यहां दर्ज नम्बरों का दुरुपयोग कर रही है। किसी भी नम्बर पे उठाओ और फ़ोन करो, विज्ञापन करो। हो सकता है डाटाबेस और जानकारी बेच रही होगी,  डाटाबेस से नम्बर लेकर फ़ोन करना भी सायबर अपराध है। कुछ मालूम है कि नहीं? तुम्हारी कम्पनी के खिलाफ़ धरना करवाऊंगा, हड़ताल करवाऊंगा, एयर फ़ेल की बजाए बिना छोड़ूंगा नहीं। समझे कि नहीं। मेरी बात कराओ अभी फ़ुनिल सित्तल से।"

टूंऊंऊंऊं टूऊंऊंऊं टूंऊंऊंऊं टूंऊंऊंऊं टूऊंऊंऊं टूंऊंऊंऊंSSSSSS       

NH-30 सड़क गंगा की सैर

19 टिप्‍पणियां:

  1. रिजर्व बैंक या सरकार ने पैसा लेकर निजी कंपनियों को बीमा उत्पाद बेचने की छुट दी है,किसी का पैसा इनमे डूब गया तो न तो भारत सरकार की कोई गारंटी है न रिजर्व बैंक की| यानि यात्री अपनी यात्रा अपने जोखिम पर करें|

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  2. बढिया डोज दिया उसे .. पर डोज तो फुनिल सित्‍तल को मिलनी चाहिए थी .. अपने व्‍यवसाय को बढाने के लिए उल्‍टे सीधे कदम उठाने से भी इन्‍हें परहेज नहीं है .. गरीबों का पैसा अपनी पॉकेट में डलवाने के लिए चारो ओर एजेंट छोड रखे हैं !!

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  3. मेरी बात कराओ अभी फ़ुनिल सित्तल से।"
    टूंऊंऊंऊं टूऊंऊंऊं टूंऊंऊंऊं टूंऊंऊंऊं टूऊंऊंऊं टूंऊंऊंऊंSSSSSS
    ......
    अच्छा, यह कौन सी भाषा है फुनिल सित्तल से बात करने की।

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  4. @नीरज जाट

    ताऊ टूंऊंऊंऊं टूऊंऊंऊं टूंऊंऊंऊं का मतलब, उसने फ़ो्न काट दिया।:)

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  5. लूट सके तो लूट,
    इतना तो बस मान जायो कि प्राण न जाये छूट।

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  6. किसे क्या कहें! हम तो चतन राटा और भुकेश रम्भानी को ईमानदार समझते थे पर इन्होने भी बहुतों की पतंग हत्थे से काट दी.

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  7. हा हा हा फ़ुनिल को मालूम होता कि पैसा बम्मन का है तो कभी न खाता और इतने भारी श्राप न पाता

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  8. कंपनी कानून अपने आप में बहुत बड़ा कानूनी फ्राड है। किसी कंपनी की कोई जिम्मेदारी नहीं. कोई गारंटी नहीं। बैंकों का लोन जीमो, पब्लिक का पैसा जीमो, सब हजम!

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  9. हर मोबाईल कम्पनी का यही हाल है सारे चोर है

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  10. जब रिलायंस ने 23 हजार में कनेक्शन देना शुरू किया था तो मिले हुए 3G वाले CDMA हैण्डसेट के पीछे लिखा रहता था 3GCDMA

    तब इस 3GCDMA का फुलफॉर्म बताते एक चुटकी-ले ने खूब धूम मचाई थी

    कोई बता सकता है कि 3GCDMA का क्या फुलफॉर्म बनाया गया रहा होगा?

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  11. बिना घो माल किये कोई कैसे फूनिल सित्तल बन सकता है.

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  12. बढिया खिचाई की आपने ... एक बार इनके झांसे में आये की फिर ये अपना पल्ला झाड़ लेते हैं और फिर तो ऐसा लगता है की फ़ुनिल सित्तल भी साक्षात् हमारी समस्या नहीं सुलझा सकते. भले पहले ये एजेंट सर्वोसर्वा बनते हैं.. सब गड़बड़ घोटाला है...

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  13. अच्छा किया , सारी भड़ास निकाल ली . ये इसी के लायक हैं .

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  14. एयर फ़ेल वाले फ़ुनिल सित्तल के एयर...तेल...दोनों निकाल दिए,

    हाईप्रोफाईल मंगईया मन के ए मांगे के ईसटाईल ए भैया।

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  15. सिरतोन म हलकान कर डरे हवंय साले मन हां ग.
    कालीच महूँ हर अब्बड़ चमकाए हवौं... दोखहा मन हा उलटा सीधा बिल भेज दें हवंय... में तो ए दारी ए मन ल फोरम सोरम अउ ट्राई फ्राई सब्बो म खडा करिहौं कही के मन बना ले हवौं...
    दुरिहा ले बतियाथे ए मन हर एखर बर हाथ मल के रई जथन... आमने सामने गोथियातीन त 'सालिगराम' कस यथा योग्य सेवा करतेन...

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  16. mobile comapany vale kitane bade chor hai ye bhukt bhogi hi bata sakta hai....meine bhi hajaro rupaye gavaye hai ..lekin mobile rakhana bhi ab majboori ban gaya hai...aam aadami bhrashtachar ke daldal se nikalne ke liye sirf hath pair patak sakta hai...nikal kahan pata hai.

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  17. hahahhahahahaha....बहुत बढ़िया....सीधी बात ...नो बकवास...

    सब के सब चोर है ....एक ही थाली के चट्टे बट्टे

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