मंगलवार, 11 मई 2010

सैनिक हुए तैनात, भू्त पिशाचों के खराब हालात

पाबला जी से मैने कुछ दिनों पहले निवेदन किया था कि ब्लाग पर नामी-बेनामी-गिरामी की समस्या बढ रही है, कृपया कुछ सैनिक यहां पर भी तैनात कर दें।

तो आज उन्होने मेरी अर्जी पर ध्यान दिया और गुहार सुन ली। अपने सैनिक भेज दिए हैं और हमारा ब्लाग अब बुरी नजरों से सुरक्षित हो गया है।

अब सब तरफ़ फ़ांदा लगा है जो संदिग्ध हरकत करेगा पकड़ा जाएगा, राजतंत्र पर भी तहसीलदार का इलाज हो चुका है।

इसलिए बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला। अब हमारे कम्पयुटर में भी सैनिक अपने सभी सिस्टम के साथ तैनात हैं। पाबला जी का बहुत बहुत आभार

22 टिप्‍पणियां:

  1. कई लोग अब ऐसी आवश्यकता महसूस कर रहे हैं।

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  2. मुझे भी जरुरत है इनकी ।

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  3. पाबला जी के सैनिक भूत प्रेत पिशाचों के लिये तो आफत के परकाले हैं जी! आप तो बेफिक्र रहिये।

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  4. बहुत बढिया है जी. पर आपके ब्लाग पर आते ही पता नही और क्या क्या खुल जाता है? कहीं कॊई सैनिक नाराज होकर तो ये उत्पात नही कर रहा है? जरा उसकी सेवा पूजा करवाईये.:)

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  5. आज हिंदी ब्लागिंग का काला दिन है। ज्ञानदत्त पांडे ने आज एक एक पोस्ट लगाई है जिसमे उन्होने राजा भोज और गंगू तेली की तुलना की है यानि लोगों को लडवाओ और नाम कमाओ.

    लगता है ज्ञानदत्त पांडे स्वयम चुक गये हैं इस तरह की ओछी और आपसी वैमनस्य बढाने वाली पोस्ट लगाते हैं. इस चार की पोस्ट की क्या तुक है? क्या खुद का जनाधार खोता जानकर यह प्रसिद्ध होने की कोशीश नही है?

    सभी जानते हैं कि ज्ञानदत्त पांडे के खुद के पास लिखने को कभी कुछ नही रहा. कभी गंगा जी की फ़ोटो तो कभी कुत्ते के पिल्लों की फ़ोटूये लगा कर ब्लागरी करते रहे. अब जब वो भी खत्म होगये तो इन हरकतों पर उतर आये.

    आप स्वयं फ़ैसला करें. आपसे निवेदन है कि ब्लाग जगत मे ऐसी कुत्सित कोशीशो का पुरजोर विरोध करें.

    जानदत्त पांडे की यह ओछी हरकत है. मैं इसका विरोध करता हूं आप भी करें.

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  6. भूत पिशाच निकट नही आवै। पाबलाजी जब सेना बिठावै। जय जोहार्…… सैनिक तैय्यार है।

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  7. ललित भाई
    पाबला जी तकनीक के खासे जानकार है। जाहिर है उनके सैनिक भी जबरदस्त होंगे।

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  8. ललित जी, ये तो गलत बात है। अकेले अकेले फायदा उठाएंगे और हम लोगों को यूँ ही तरसाएंगे?
    --------
    कौन हो सकता है चर्चित ब्लॉगर?
    पत्नियों को मिले नार्को टेस्ट का अधिकार?

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  9. पाबला जी का नाम ही काफी है ललित साहब , अगर टिपण्णी बोक्स के ऊपर " पाबला जी नजर रखे है " वाली चेतावनी भी लगा दोगे तो भी चलेगा !

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  10. ये सैनिक क्यों ज़रूरी थे?
    हम तो आप की मूँछें देखकर पहले से ही कमेण्ट करने से बचते फिरते थे, चुपके से पढ़के निकल लेते थे।
    अब आज आपकी मुस्कराहट पे ध्यान गया तो हिम्मत पड़ी आने की, तो आते ही सैनिक…।
    निकल ले भइये!
    गड़ाप्!

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  11. हम भी ताऊ रामपुरिया की तरह आप के ब्लॉग पर जाने क्या देख रहे हैं । क्या ये भी सैनिक ही हैं ? अगर ऐसा है तो
    पहले सैनिकों को संभालो भाई ।

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  12. भाई यो कोई विग्यापन एजेन्सी खोल राक्खी है के.....ब्लाग खोलते ही भारत मैट्रीमोनी का विग्यापन खुल जावै. भाई यो विग्यापन म्हारे मतलब का कोणी..ब्याहे वारे आदमी हैं :-)

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  13. अजी ताऊ सही कह रहा है आप के दुवारे आते आते पता नही कया कया खुल जाता है जी, हम तो उन्हे ही पकडते रहते है, कही यह वो भुत प्रेत तो नही जो आप ने अपने ब्लांग से निकाल दिये, ओर वो आप के दुवारे बेठे आने जाने वालो को पकडना चाहते हो

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  14. ... दो चार रिजर्व में भी रखे जाएं ... कभी कभी इमरजेंसी आ जाती है !!!

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  15. achha kiya hai paawalaji ne aapko sainik surkshaa dekar, vaise blog pe aapka photo dekhkar hi benaamilog der jaayenge. lalit bhai kamse kam aapko isaki jarurat nahi thi...phir bhi aaone zed sreni ki surksha le hi li...ha ha.ha .

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  16. पाबला जी और उनके सैनिकों की सफलता/असफलता आप जानें, हमारी मुसीबत तो आपके ब्लॉग पर घड़ी-घड़ी आने वाले पूरे पेज के ऐसे विज्ञापनों ने की है जो की कुछ पढने ही नहीं देते - अब बताइये की पढ़े बिना टिप्पणी करेंगे तो फिर तो मुंह से बस "nice" ही निकलेगा - चलेगा क्या?

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  17. ऐ बुरी नज़र वाले "पाबला जी से दुश्मनी मोल ले और पा बला ।"

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