गुरुवार, 12 अगस्त 2010

सावधान ब्लागर्स-वायरस हमले से

ल मैने हमारी वाणी पर वायरस होने पर एक पोस्ट लिखी थी। उसके बाद मेरे ब्लाग पर हमारी वाणी के 4 कमेंट आए, लेकिन ब्लाग पर नहीं दिखे, मेल में मेरे पास पड़े हैं।

कई चिट्ठों पर यह वार्निंग दिख रही थी। जिन लोगों ने ब्लाग पर हमारी वाणी का लोगो लगा रखा था। सब उस वायरस से संक्रमित हो गये थे।

मैने आलस के कारण नहीं लगाया था। पिछली बार जब गिरीश बिल्लौरे दादा ने हमारी वाणी पर पोस्ट लगायी थी तो हम भी वहां अपने ब्लाग चेप आए थे। कुछ दिनों बाद जाकर देखा तो खाली का खाली। सिर्फ़ दो ब्लाग और उसकी फ़ीड दिख रही थी।

उसके बाद हमने किसी ब्लाग पर पढा था कि हमारी वाणी पर वायरस अटैक होने डाटा लास हो गया। इसलिए दुबारा रजिस्ट्रेशन करें। इस बार फ़िर दो चार ब्लाग चेप आए। एक बार पहले इस तरह की समस्या से हम जूझ चुके हैं-ब्लाग खुलते ही लाल झंडी दिखाई देती थी।

अब ये तो हुई हमारी वाणी की कहानी। रात को कनिष्क कश्यप जी की पोस्ट आने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ कि समस्या क्या है। उन्होने अपनी पोस्ट में पूरी जानकारी लिख दी।

अच्छी तरह से भी समझा दिया। इसके बाद हम रात को तीन बजे तक जाग कर अपने कम्प्युटर की मरम्मत करते रहे। सैनिकों की तैनाती करते रहे, उन्हे मुस्तैद करते रहे, पासवर्ड और ईमेल हैक होने का खतरा भी बताया गया।

हमारी वाणी के अलेक्सा रैंकिग में इतनी जल्दी सुधार होने की बात भी पता चली कि ये कैसे कमाल हो रहा है। इसलिए हमें पहले अपने घर को चौकस करना जरुरी हो गया। जो साथी हमारे साथ जग रहे थे उन्हे भी यह महत्वपूर्ण सूचना दे दी गयी कि उनका कोई नुकसान न हो जाए।

ब्लागर की सबसे बड़ी कमजोरी है कि वे किसी भी एग्रीगेटर के विषय में जानकारी लिए बगैर ही उसमें जुड़ जाते हैं जिसके विषय में कोई जानकारी भी नहीं होती। ब्लागवाणी-चिट्ठाजगत-ब्लागप्रहरी इत्यादि के विषय में पुख्ता जानकारी है कि इनके संचालक कौन है?

लेकिन हमारी वाणी, अपनी वाणी, इंडली इत्यादि के विषय में कोई जानकारी नहीं है। इनके कर्ता धर्ताओं ने अभी तक अपना मुंह छुपा रखा है। बस लोगों के कहने से इनमें जुड़ जाते हैं जिसका गंभीर नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। इसलिए ब्लागर्स को सावधान हो जाना चाहिए।

जिससे वे अपने को परेशानी में पड़ने से बचा सकें। वायरस से एक ही नुकसान हो सकता है कि हमारे कम्प्युटर में जमा डाटा खत्म हो सकता है।

इसलिए मेरा आग्रह है कि हमारी वाणी, अपनी वाणी, इंडली इत्यादि एग्रीगेटर अपने बारे में सम्पूर्ण जानकारी ब्लागजगत को दें। वे कौन हैं? जिससे ब्लाग जगत उन पर विश्वास कर सके। अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट अवश्य पढें। कम से कम ब्लागर सावधान हो जाएं जिससे वे किसी षड़यंत्र का शिकार होने से बच सकें।

17 टिप्‍पणियां:

  1. बिलकुल गंभीर नुकसान उठाने पड़ सकते है |
    मेरा फायरफोक्स मुझे ...Apnivani तक जाने ही नहीं दे रहा था|
    गूगल महारज के जरिये जाने की सोची तो पता चला "ये साईट आपके कंप्यूटर को क्षति पंहुचा सकती है |"

    दबे पैर वापिस चले आये |

    मैं एक नया ब्लॉग बनाया है..बताएं कि कैसा है?
    HindiVid

    उत्तर देंहटाएं
  2. आखिर इन एग्रीगेटर्स के मालिकों ने अपने नाम क्यों उजागर नहीं किये ये सोचने वाली बात है यही नहीं इनके डोमेन भी प्राइवेट who is है जिससे पूरी जानकारी छुपी हुई है इस तरह के नकाबपोश लोगों से सावधान रहने की सख्त जरुरत है

    उत्तर देंहटाएं
  3. यह जरुरी जानकारी दी आपने.

    उत्तर देंहटाएं
  4. बिल्कुल सही चेतावनी दी है आपने ललित जी! वक्त रहते संभल जाना जरूरी है अन्यथा नये पुराने एग्रिगेटरों तथा उनके हॉटलिस्ट में बने रहने का हमारा उन्माद कभी भी हमारे कम्प्यूटर का भठ्ठा बैठा सकता है।

    उत्तर देंहटाएं
  5. सबसे पहले ललीत जी व ललीतडॉट कॉम के के सभी पाठकों को मेरी तरफ से तीज त्योहार की हार्दिक शुभकामनाए
    ललीत जी यह आपने बहुत अच्छी जानकारी देकर हमें चेताया है सभी को वाइरस से सावधान रहना चाहिए
    http://sbhamboo.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  6. lalit ji aisa hi kuch mere saath bhi tha..hamari vani ke link pe click karne se yahi page aaya..do baar hua aisa..par shukra hai antivirus active hai..shayad issi liye main sambhal gayi hoon :0

    उत्तर देंहटाएं
  7. सही चेतावनी दी है आपने ललित जी

    उत्तर देंहटाएं
  8. हमारीवाणी.कॉम वाइरस तथा मालवेयर इन्फेक्शन से सुरक्षित है



    हमारीवाणी

    की ओर से परेशान मत होइए, क्योंकि हमारीवाणी की टीम इन्फेक्शन देखते ही समाप्त कर देती है. यह बात सही है कि किसी ने कई बार इन्फेक्शन भेजने की कोशिश की है और हर बार हमारे सर्वर पर से उसे डिलीट कर दिया गया है. कल डिलीट होने में थोडा सा समय लगा, और इसी कारण गूगल इन्फेक्शन का सन्देश दे रहा है. गूगल क्रोम से इन्फेक्शन का सन्देश समाप्त होने में थोडा सा समय लगता है, इंटरनेट एक्स्प्लोरर तथा मोज्ज़िला में यह प्रोब्लम नहीं आएगी. गूगल क्रोम की टीम को हमारीवाणी के सन्दर्भ में सूचित कर दिया गया है, आशा है जल्दी ही इन्फेक्शन का सन्देश समाप्त हो जाएगा.

    हमारा सर्वर कल सुबह ही सभी तरह के इन्फेक्शन से क्लीन हो चूका है और साईट खोलने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं हैं. जैसा की हमने पहले भी घोषणा की थी कि कोई यूज़र टिपण्णी के माध्यम से आई-फ्रेम बनाकर हमारे सर्वर तक जानबूझकर इन्फेक्शन भेज रहा है. ......

    अधिक पढने के लिए यहाँ क्लिक करें
    http://hamarivani.blogspot.com/2010/08/blog-post_11.html





    हमारीवाणी.कॉम द्वारा ललितडॉटकॉम

    के लिए १२ अगस्त २०१० १:४६ अपराह्न को पोस्ट किया गया

    उपरोक्त टिप्पणी मेल से लाकर जानकारी के लिए प्रकाशित कर रहा हूँ।

    उत्तर देंहटाएं
  9. हमारीवाणी द्वारा आज उपरोक्त टिप्पणी की गयी है,मेरे इसी ब्लाग पर, लेकिन टिप्पणी ब्लाग पर नही दिख रही है और मेल में आ गयी है। इसका क्या कारण हो सकता है?

    मेरी पोस्ट पर कल भी इसी तरह की ੪ टिपपणियाँ थी,लेकिन वे भी ब्लाग पर न होकर मेल में ही थी।

    हमारी वाणी एग्रीगेटर किसका है कौन इसका संचालक है, पहले अपनी पहचान सार्वजनिक करें,उसके बाद ही हम इसका इस्तेमाल करेंगे। अगर किसी का ब्लाग नष्ट हो गया तो उसकी जिम्मेदारी कौन ले्गा? इस लिए अपनी पहचान सार्वजनिक करें

    उत्तर देंहटाएं
  10. अरे ..., इतना बड़ा हमला. हमें पता ही नहीं था, आज परिकल्‍पना और राजतंत्र को खोलने का प्रयास किया तो हमें भी ऐसा ही संदेश दिखा तो हमने नहीं खोला.
    धन्‍यवाद जानकारी के लिए.

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत सही चेताया, हम तो चिठ्ठाजगत और ब्लागवाणी के अलावा कहीं रजिस्ट्रेशन ही नही करवाये तो मजे में हैं.:)

    रामराम

    उत्तर देंहटाएं
  12. ऐसी चेतावनी कई ब्लागों पर आ रही है .... सही चेताया ललितजी....

    उत्तर देंहटाएं
  13. अजी हमे भी एक मेल आयी है इस हमारी की देखते है जा कर मै तो म्साधारण बात समझ रहा था. धन्यवाद ्साबधान करने के लिये

    उत्तर देंहटाएं